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संदेश

अध्यक्ष का संदेश , प.ऊ.शि.सं.

प्रिय विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों तथा प.ऊ.शि.सं. परिवार के सम्मानित सदस्यों,

वर्ष 1969 में अपनी स्थापना के उपरांत से परमाणु ऊर्जा शिक्षा संस्था ने परमाणु ऊर्जा विभाग के कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की एक विशिष्ट एवं गौरवशाली परंपरा स्थापित की है। प.ऊ.शि.सं. केवल विद्यालयों का एक नेटवर्क मात्र नहीं है, बल्कि यह शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा अभिभावकों का एक सजीव एवं सशक्त समुदाय है, जो तीव्र गति से परस्पर संबद्ध एवं प्रौद्योगिकी-संचालित विश्व में भारत के भावी उत्तरदायी एवं जागरूक नागरिकों के निर्माण और संवर्धन के पवित्र दायित्व के प्रति समर्पित है।

हमारा शैक्षिक दर्शन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के सिद्धांतों पर दृढ़तापूर्वक आधारित है, जो अधिगम को केवल एक समग्र, बहुविषयक एवं आनंददायक अनुभव के रूप में पुनर्परिकल्पित नहीं करता, जिसमें शैक्षणिक उत्कृष्टता और भारतीय मूल्यों का संतुलित समन्वय निहित है, बल्कि हमारे युवा एवं जिज्ञासु मस्तिष्कों को वैश्विक भविष्य की चुनौतियों एवं अवसरों के लिए भी तैयार करता है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ चरित्र, संवेदनशीलता, अनुशासन तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास भी समान रूप से आवश्यक है।

यद्यपि हमारे विद्यार्थी निरंतर शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, तथापि उनकी उपलब्धियाँ कक्षा-कक्ष तक ही सीमित नहीं हैं। वे नियमित रूप से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाडों, खेलकूद तथा कला-संबंधी गतिविधियों में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करते हैं। हमारे पूर्व छात्र-छात्राएँ न केवल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (AIIMS) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर हमें गौरवान्वित करते हैं, बल्कि विविध क्षेत्रों में सफल करियर का निर्माण करके भी प.ऊ.शि.सं. की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

हमारी इस यात्रा में हमारे शिक्षक एवं सहायक कर्मचारी ही हमारी संस्थागत सफलता के वास्तविक आधारस्तंभ हैं। उनकी निष्ठा एवं संवेदनशीलता हजारों विद्यार्थियों के जीवन को दिशा प्रदान करती है। उनके इसी उत्कृष्ट योगदान का प्रतिफल है कि वर्षों से हमारे अनेक शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता रहा है। भविष्य की ओर अग्रसर होते हुए, प.ऊ.शि.सं. आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के अनुरूप निरंतर प्रतिबद्ध है तथा स्मार्ट कक्षाओं एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम अधिगम के माध्यम से अपनी शैक्षिक प्रक्रियाओं एवं कार्यप्रणालियों का सतत आधुनिकीकरण कर रहा है।

प्रिय विद्यार्थियों,
आप सभी असीम क्षमताओं से परिपूर्ण हैं। जिज्ञासा की भावना को सदैव जीवित रखें, सत्यनिष्ठा के साथ उत्कृष्टता प्राप्त करने का सतत प्रयास करें तथा अपनी सफलताओं का उपयोग राष्ट्र के विकास एवं प्रगति में सार्थक योगदान देने हेतु करें।

प्रिय अभिभावकों,
आपके विश्वास के लिए हार्दिक धन्यवाद। हम आपके बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं संवर्धन के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं, ताकि वे भविष्य में उपलब्ध होने वाले अवसरों का सफलतापूर्वक लाभ उठाने में सक्षम बन सकें।

प्रिय शिक्षकगण एवं कर्मचारीवृंद,
आप ही प.ऊ.शि.सं. की आत्मा एवं प्राण हैं। आपके समर्पण, निस्वार्थ सेवा-भाव तथा हमारे विद्यार्थियों के सपनों को आकार देने वाले शिल्पकार बनने के लिए हार्दिक धन्यवाद।

अंततः, प्रिय पूर्व छात्रगण,
आप हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि एवं गौरव हैं। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में नई-नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करते हुए आप जिन आदर्शों एवं मूल्यों को अपने साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं, उस पर हमें अत्यंत गर्व है।

हार्दिक शुभकामनाओं, आशाओं एवं गहन कृतज्ञता सहित।